
सरदार सेना महामंत्री को थाने में पीटा आरक्षण का नाम लेने पर मुगलसराय कोतवाली SHO पर मारपीट का आरोप

मुगलसराय कोतवाली में सरदार सेना के महामंत्री सुनील पटेल ‘फौजी’ के साथ कथित तौर पर मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि ‘आरक्षण बचाओ आंदोलन’ का नाम लेने पर कोतवाली प्रभारी (SHO) विजय प्रताप सिंह आग-बबूला हो गए और पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर सुनील पटेल को पीटा। सुनील पटेल एक युवती की संदिग्ध मृत्यु के मामले में परिजनों की पैरवी करने थाने गए थे।सुनील पटेल ‘फौजी’ अपने चुनार और मुगलसराय विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े एक मामले में बातचीत करने थाने पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस से कहा कि उन्हें कल प्रयागराज में ‘आरक्षण बचाओ आंदोलन’ की यात्रा में शामिल होना है, इसलिए उन्हें जल्दी निकलना है। इसी दौरान ‘आरक्षण’ शब्द सुनते ही SHO विजय प्रताप सिंह कथित तौर पर गुस्सा हो गए।आरोप है कि इसके बाद पुलिसकर्मियों ने सुनील पटेल ‘फौजी’ के साथ डंडों, बूटों और हाथों से मारपीट की। इस मारपीट में उनके कपड़े खून से लथपथ हो गए और वे बेहोश हो गए।सबसे गंभीर आरोप यह है कि बेहोश होने के बाद उनके खून से सने कपड़े बदलवाकर दूसरे कपड़े पहनाए गए और फिर उनका मेडिकल कराया गया। सरदार सेना ने सवाल उठाया है कि ऐसा क्यों किया गया और क्या यह सबूत मिटाने की कोशिश थी।बाद में सुनील पटेल को निजी मुचलके पर जमानत पर रिहा कर दिया गया। सरदार सेना के सदस्यों ने इस कथित पुलिस बर्बरता की कड़ी निंदा की है। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके।
इंस्पेक्टर मुग़लसराय.. तुम कौन हो मैं सुनील पटेल फौजी हूं, मैं थोड़ा जल्दी में हूं मेरा विषय सुन लीजिए इंस्पेक्टर साहब.. इंस्पेक्टर मुगलसराय.. तुम्हें बहुत जल्दी है कहां जाना है.सुनील पटेल फ़ौजी.. आरक्षण की डकैती के खिलाफ आरक्षण बचाओ आंदोलन होने जा रहा मुझे उसकी तैयारी करना है..! बस इंस्पेक्टर साहब का खून खौल गया, एक तो जाति से ठाकुर दूसरे आरक्षण बचाओ आंदोलन,यह नाम सुनते ही आग बबूला हो गए और सामंतवादी मानसिकता का इंस्पेक्टर ठाकुर विजय सिंह सुनील पटेल के ऊपर टूट पड़ा 4,5 पुलिस कर्मी मिलकर, जाति सूचक, मां बहन की भद्दी भद्दी गाली,आरक्षण की पैदाइश कहते हुए लहूलुहान कर डाले। आरक्षण बचाने का नाम लेना समझ लीजिए अब उत्तर प्रदेश में गुनाह हो गया है तो याद रखना सामंतवादी गुंडे, अब तुम्हारे सात पुस्ते भी आरक्षण मिटा नहीं सकती, हमें खून बहाना होगा तो भी कोई गम नहीं.. याद रखना इंस्पेक्टर मुगलसराय.तुम्हारी बर्बरता की निशानी तुम्हें बर्बाद करने की गवाही देगा, जब तक तुम्हारा वर्दी उतरवा नहीं दूंगा तब तक तुम्हे छोड़ूगा नहीं.. तुमने सरदार सैनिक का खून बहाया है वो भी राष्ट्र सेवक सुनील पटेल फ़ौजी का, इसलिए तुम्हें कीमत तो चुकानी पड़ेगी..
याद रखना,सुनील पटेल फौजी का खून इंकलाब लायेगा।



